babasaheb bhashan hindi | डॉ बाबासाहेब आंबेडकर भाषण हिंदी
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डॉ बाबासाहेब आंबेडकर भाषण हिंदी
यहाँ उपस्थित सभी को मेरा सादर प्रणाम। आज भारत के इतिहास का सबसे सुनहरा दिन है क्योंकि आज के दिन एक महान और प्रतिभाशाली व्यक्ति का जन्म हुआ था जिन्होंने भारत के करोड़ों अनुसूचित जनजातियों और अनुसूचित लोगों के उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया। उस महान व्यक्तित्व का नाम है डॉ. बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर। बाबासाहेब एक प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ के साथ साथ न्यायविद और समाज सुधारक भी थे।
आज इस मंच पर आपको बाबा साहेब के बारे में वो तथ्य बताने जा रहा हूँ, जिससे आप शायद अनजान हो। बाबासाहेब हमारे संविधान के रचियता है। उन्हें संविधान का फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 17 दिन का समय लगा था। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टर ऑफ साइंस नामक एक मूल्यवान डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने वाले बाबासाहेब दुनिया के पहले और एकमात्र व्यक्ति हैं। डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर की बौद्ध धर्म में दीक्षा उनके 8,50,000 समर्थकों के साथ दुनिया में ऐतिहासिक है, क्योंकि यह दुनिया में सबसे बड़ा धर्मांतरण था। महंत वीर चंद्रमणि, एक महान बौद्ध भिक्षु, जिन्होंने बाबासाहेब को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी। दुनिया भर में नेता के नाम पर लिखे गए गीतों और पुस्तकों की संख्या सबसे अधिक डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के नाम पर है।
गवर्नर लॉर्ड लिनलिथगो और महात्मा गांधी का मानना था कि बाबासाहेब 500 स्नातकों और हजारों विद्वानों से ज्यादा बुद्धिमान हैं। बाबासाहेब दुनिया के पहले और एकमात्र सत्याग्रही थे, जिन्होंने पीने के पानी के लिए सत्याग्रह किया था। 1954 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित विश्व बौद्ध परिषद में बौद्ध भिक्षुओं ने डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को बौद्ध धर्म की सर्वोच्च उपाधि बोधिसत्व प्रदान की थी।
उनकी प्रसिद्ध पुस्तक द बुद्धा एंड हिज़ धम्म भारतीय बौद्धों का ग्रंथ है। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने तीन महापुरुषों, भगवान बुद्ध, संत कबीर और महात्मा फुले को अपना प्रशिक्षक माना था। बाबासाहेब की प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा में से एक है। उनकी जयंती भी पूरी दुनिया में मनाई जाती है। बाबासाहेब पिछड़े वर्ग के पहले वकील थे। द मेकर्स ऑफ द यूनिवर्स नामक एक वैश्विक सर्वेक्षण के आधार पर पिछले 10 हजार वर्षों के शीर्ष 100 मानवतावादी लोगों की एक सूची ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई थी, जिसमें चौथा नाम डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर था।
दुनिया में हर जगह बुद्ध की बंद आंखों वाली मूर्तियां और पेंटिंग दिखाई देती हैं, लेकिन बाबासाहेब, जो एक अच्छे चित्रकार भी थे, उन्होंने बुद्ध की पहली पेंटिंग बनाई जिसमें बुद्ध की आंखें खुलीं। बाबासाहेब की पहली प्रतिमा 1950 में बनाई गई थी जब वे जीवित थे और यह प्रतिमा कोल्हापुर शहर में स्थापित है। उनके करोड़ों अनुयायी उन्हें भगवान के रूप में मानते हैं। ऐसे महान व्यक्तित्ववाले बाबासाहेब को मेरा सत सत प्रणाम। समय को ध्यान में रखते हुए में अपना भाषण यही समाप्त करता हूं।
जय भारत, जय हिंद, जय भीम, धन्यवाद।

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